PM RAHAT Scheme 2026: भारत में हर साल लाखों सड़क हादसे होते हैं, जिनमें कई लोगों की जान समय पर इलाज न मिलने के कारण चली जाती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा देने वाली योजना का नाम बदल दिया है।
पहले इस योजना को Cashless Treatment of Road Accident Victims Scheme कहा जाता था, लेकिन अब इसका नया नाम PM-RAHAT Scheme रखा गया है।
इस योजना का पूरा नाम Prime Minister – Road Accident Victims’ Hospitalisation and Assured Treatment (PM-RAHAT) Scheme है।
PM-RAHAT Scheme क्या है?
PM-RAHAT Scheme सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को अस्पताल में 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने वाली सरकारी योजना है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क दुर्घटना के बाद इलाज के लिए पैसों की कमी बाधा न बने और घायल व्यक्ति को तुरंत मेडिकल सहायता मिल सके।
योजना का नया नाम क्यों रखा गया?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत इस योजना के नाम में संशोधन किया है।
सरकार ने इसके लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।
अब संशोधित योजना को Cashless Treatment of Road Accident Victims (Amendment) Scheme, 2026 कहा जाएगा, लेकिन आम तौर पर इसे PM-RAHAT Scheme के नाम से जाना जाएगा। यह नया नाम राजपत्र में प्रकाशित होते ही लागू हो गया है।
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PM-RAHAT Scheme के फायदे
इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलते हैं:
- ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज
- हादसे के बाद तुरंत इलाज की सुविधा
- इलाज के लिए पैसे की चिंता नहीं
- डिजिटल क्लेम प्रोसेस
- देश की सभी सड़कों पर लागू
किन सड़कों पर लागू होगी यह योजना?
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि यह सिर्फ नेशनल हाईवे तक सीमित नहीं है।
यह योजना इन सभी जगहों पर लागू होगी:
- नेशनल हाईवे
- स्टेट हाईवे
- जिला सड़कें
- शहरों और गांवों की सड़कें
यानि अगर किसी भी सड़क पर दुर्घटना होती है तो पीड़ित व्यक्ति इस योजना का लाभ ले सकता है।
कितने दिन तक मिलेगा कैशलेस इलाज?
PM-RAHAT योजना के तहत सड़क दुर्घटना के बाद 7 दिन तक कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी।
इस दौरान मरीज को अस्पताल में आवश्यक प्राथमिक इलाज मिल सकता है।
इलाज में क्या-क्या कवर होगा?
योजना के तहत अलग-अलग परिस्थितियों में इलाज की समय सीमा तय की गई है।
1. सामान्य स्थिति में
- मरीज को स्थिर करने के लिए 24 घंटे तक इलाज
2. गंभीर स्थिति में
- 48 घंटे तक प्राथमिक और इमरजेंसी इलाज
इस इलाज का खर्च 1.5 लाख रुपये तक सरकार द्वारा कवर किया जाएगा।
‘गोल्डन आवर’ क्यों महत्वपूर्ण है?
सड़क दुर्घटना के बाद का पहला घंटा गोल्डन आवर कहलाता है।
मंत्रालय के अनुसार अगर घायल व्यक्ति को इस समय के अंदर अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
इसलिए इस योजना का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना के तुरंत बाद इलाज शुरू करना है।
दुर्घटना होने पर किस नंबर पर कॉल करें?
अगर कहीं सड़क दुर्घटना होती है, तो तुरंत 112 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करना चाहिए।
यह कॉल सीधे Emergency Response Support System (ERSS) से जुड़ती है, जिससे:
- एम्बुलेंस भेजी जाती है
- नजदीकी अस्पताल को सूचना दी जाती है
- पुलिस और मेडिकल सहायता तुरंत पहुंचती है
क्लेम प्रोसेस कैसे काम करता है?
PM-RAHAT Scheme में क्लेम प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है।
इसमें दो मुख्य सिस्टम का उपयोग किया जाता है:
1. eDAR (Electronic Detailed Accident Report)
2. TMS 2.0 (Transaction Management System)
प्रक्रिया
- दुर्घटना की जानकारी डिजिटल सिस्टम में दर्ज होती है
- पुलिस घटना की पुष्टि करती है
- अस्पताल इलाज शुरू करता है
- क्लेम प्रोसेस ऑनलाइन किया जाता है
- अस्पताल को भुगतान Motor Vehicle Accident Fund (MVAF) से किया जाता है
पुलिस सत्यापन की समय सीमा
पुलिस को तय समय में दुर्घटना की पुष्टि करनी होती है:
- सामान्य मामले में — 24 घंटे
- गंभीर मामले में — 48 घंटे
इससे इलाज में देरी नहीं होती।
शिकायत कहां करें?
अगर पीड़ित या उसके परिवार को किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे जिला रोड सेफ्टी कमेटी से शिकायत कर सकते हैं।
यह कमेटी आमतौर पर जिला कलेक्टर या जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में काम करती है और शिकायतों के समाधान के लिए अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं।
निष्कर्ष
PM-RAHAT Scheme सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हादसे के बाद इलाज के लिए पैसों की कमी किसी की जान पर भारी न पड़े।
कैशलेस इलाज की सुविधा, डिजिटल क्लेम सिस्टम और 112 इमरजेंसी हेल्पलाइन के जरिए सरकार सड़क सुरक्षा और त्वरित मेडिकल सहायता को मजबूत बनाने की कोशिश कर रही है।
FAQs
1. PM-RAHAT योजना क्या है?
यह सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज देने वाली सरकारी योजना है।
2. क्या यह योजना सिर्फ नेशनल हाईवे पर लागू है?
नहीं, यह योजना सभी सड़कों पर लागू है।
3. कितने दिन तक इलाज कवर होता है?
हादसे की तारीख से 7 दिन तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है।
4. इमरजेंसी में किस नंबर पर कॉल करें?
सड़क दुर्घटना की स्थिति में 112 हेल्पलाइन पर कॉल करना चाहिए।
5. अस्पताल को भुगतान कैसे होता है?
क्लेम प्रक्रिया eDAR और TMS सिस्टम के जरिए होती है और भुगतान Motor Vehicle Accident Fund (MVAF) से किया जाता है।



